सरगोशियाँ
Sunday, 16 July 2017
राही मेरे सफ़र का,,,,
राही मेरे सफ़र का ,,,
अभी अभी इक याद गुज़रा ,,,
ज़रा ख़फा था ,,,
हाँ वो इक सफ़र था ,,
फुरसतों का सफ़र था ,,,
लम्हों की लम्हों से दोस्ती थी ,,
फिर ,,
ज़रा ख़फा था ,,,
हाँ वो इक सफ़र था ,,
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