Monday, 17 July 2017

ये बारिश.. और फिर वही..

""ये बारिश.. और
फिर वही.. सौंधी यादें पुरानी फिर वही
फिर वही.. फिर वही.. बिसरी भूली कहानी फिर वही..!!
कुछ अधूरा सा.. फिर वही ख़यालों का सफ़र फिर वही..
कुछ इंतज़ार सा फिर वही वक्त की रेत पे बिखेर फिर वही...!! 

No comments:

Post a Comment